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Home चुनावी हलचल तेजस्वी यादव के ऐलान उतर सकेंगे जमीन पर, 10 लाख नौकरियों के लिए काटेंगे मंत्रियों की तनख्वाह!

तेजस्वी यादव के ऐलान उतर सकेंगे जमीन पर, 10 लाख नौकरियों के लिए काटेंगे मंत्रियों की तनख्वाह!

by Khabartakmedia

बिहार में मंगलवार को विधानसभा के लिए दूसरे चरण का मतदान पूरा होगा। बिहार चुनाव अब अपने  आखिरी पड़ाव पर पहुंचने लगा है। राजनीतिक दलों का प्रचार अभियान अपने चरम पर है। रैली, रोड शो और भाषणों की बयार उम्मीद के मुताबिक ही बड़ी तेजी से चल रही है। हर चुनावी दल और नेता अपने तरीके से ‘चुनावी दिनों के देवताओं’ यानी कि मतदाताओं को लुभाने की जुगत में लगे हैं। लेकिन सभी वादों और दावों के बीच जिसकी सबसे अधिक चर्चा है वो है राजद और महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव का वादा। तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ही कहा था कि “अगर बिहार में महागठबंधन की सरकार बनती है तो पहली कैबिनेट बैठक में पहले कलम से बिहार के दस लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देंगे।” तेजस्वी यादव के वादे में कितना दमखम है और कितनी सच्चाई ये तो चुनाव बाद अगर महागठबंधन सत्ता में आती है तब पता चलेगा। लेकिन तेजस्वी यादव के इस वादे ने विरोधी खेमे में हड़कंप तो मचा ही दी। सियासी पंडितों की मानें तो दस लाख सरकारी नौकरियों के वादे की वजह से ही तेजस्वी की रैलियों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। गत सोमवार को तेजस्वी यादव ने अपने वादे को पुख्ता करने के लिए एक और बयान दे दिया जिसकी खूब चर्चा हो रही है। तेजस्वी ने अपनी एक सभा में कहा कि “अगर दस लाख सरकारी नौकरियों के लिए बजट में किसी प्रकार की दिक्कत आती है तो हम विधायक, मंत्री और यहां तक की मुख्यमंत्री के तनख्वाह में कमी लाएंगे। लेकिन हर हाल में दस लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देंगे।”


गौरतलब है कि तेजस्वी का बयान नीतीश कुमार के उस दावे का जवाब है जिसमें उन्होंने व्यंगिक तौर पर पूछा था कि “दस लाख लोगों को सरकारी नौकरी दे दोगे तो पैसा कहां से लाओगे?”
चुनावी मौसम में अक्सर इस प्रकार के बड़े और आकर्षक वादे नेता जनता के सामने रखते हैं ताकि उनका वोट ले सकें। बिहार में बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरियों के लिए एड़ी रगड़ रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं, पुलिस विभाग से लेकर सरकारी स्कूलों तक नौकरी के लिए युवा तैयारी कर रहे हैं। तेजस्वी यादव के वादे से बिहार की जनता और खासकर युवा कितना इत्तेफाक रखते हैं यह तो तब पता चलेगा जब 10 नवंबर को बिहार चुनाव का परिणाम आएगा। 10 नवंबर को यदि परिणाम महागठबंधन के पक्ष में आता है और तेजस्वी यादव मुख्यमंंत्री बनते हैं तब इंतजार होगा पहली कैबिनेट बैठक का कि क्या सचमुच तेजस्वी अपने वादे के मुताबिक पहली कलम से बिहार के 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देते हैं या नहीं।
तेजस्वी यादव के वादे के जमीन पर उतरने को लेकर कोई दावा नहीं किया जा सकता। नेता अक्सर अपने वादे भूल जाते हैं। और बात अगर रोजगार की हो तब ये आदत और भी बढ़ जाती है। क्योंकि भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी जब 2014 के लोकसभा चुनाव में आए थें तो उन्होंने भी देशभर के युवाओं से वादा किया था कि अगर भाजपा की सरकार बनी तो हर साल 2 करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा। लेकिन जब नरेंद्र मोदी की सरकार बनी तो ये वादा न जाने किस मलबे में दब गया और अब प्रधानमंत्री खुद ही अपने इस वादे के बारे में बात भी नहीं करते हैं।

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