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जम्मू-कश्मीर पाकिस्तान जाना चाहता, तो 1947 में चला जाता: फारूक अब्दुल्ला

by Khabartakmedia

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला ने शुक्रवार को एक सभा के दौरान कहा कि “जम्मू-कश्मीर यदि पाकिस्तान में शामिल होना चाहता तो 1947 में चला गया होता। कोई भी इसे रोक नहीं सकता था।” फारूक अब्दुल्ला ने आगे कहा कि “हमारा भारत महात्मा गांधी का भारत है, भाजपा का भारत नहीं है।”
इस सभा में फारूक अब्दुल्ला के बेटे और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके उमर अब्दुल्ला ने भी इस सभा में बोला। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि “भाजपा ने कहा कि धारा 370 और अनुच्छेद 35-A को हटाकर जो लोग भारतीय प्रशासन से अलग थे उन्हें पूरी तरह से देश के बाकी हिस्सों में आत्मसात कर लिया गया। लेकिन मैं विश्वास के साथ कहना चाहता हूं कि इन कदमों से लोग और भी अलग-थलग हो गए हैं।”

उमर अब्दुल्ला (फोटो: ANI)


उमर अब्दुल्ला ने जम्मू कश्मीर के युवाओं के हथियार उठाने और उग्रवादी हो जाने पर कहा कि “2012, 2013, 2014 में, बमुश्किल कुछ युवा थे जो हथियारों का सहारा ले रहे थे। 12-13 वर्षों की अवधि में उग्रवाद में शामिल होने वाले लड़कों की संख्या अब इन दिनों कुछ महीनों से मेल खा रही है।”
गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में एक बार फिर सालों बाद राजनीतिक गतिविधियां शुरू होती दिख रही हैं। जम्मू कश्मीर के नेताओं की सक्रियता बढ़ चुकी है। पिछले दिनों महबूबा मुफ्ती, फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला समेत कई नेताओं ने मिलकर एक गपकर गठबंधन बनाया। जिसका उद्देश्य है घाटी में एक बार फिर से धारा 370 को बहाल करवाना और पहले की ही तरह कश्मीर को उसका अधिकार दिलाना।

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