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गौतम हुए धोनी पर गम्भीर, कहा धोनी को करना चाहिए सामने से नेतृत्व

by Khabartakmedia

विश्व के सबसे रोमांचक टी20 लीग आईपीएल के शुरू होते ही इसका खुमार लोगों के सिर चढ़ कर बोल रहा है। गत मंगलवार को जब आईपीएल के मुकाबले में महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली चेन्नई सुपर किंग्स और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज स्टीव स्मिथ की कप्तानी वाली राजस्थान रॉयल्स एक-दूसरे से भिड़ीं तो दर्शकों ने छक्कों की बारिश देखकर खूब लुत्फ उठाया। इस मुकाबले में सीएसके को 16 रन से शिकस्त झेलनी पड़ी और आरआर ने संजू सैमसन, स्टीव स्मिथ और जॉफ्रा आर्चर की तूफानी बल्लेबाजी की बदौलत इस मैच को जीत लिया। इस मुकाबले के बाद पूर्व क्रिकेटरों और दिग्गजों ने एक तरफ जहां राजस्थान रॉयल्स की बल्लेबाजी की तारीफ की तो वहीं दूसरी ओर सीएसके और महेंद्र सिंह धोनी की रणनीति पर खूब सवाल उठाए। बाएं हाथ के पूर्व भारतीय बल्लेबाज गौतम गम्भीर ने भी धोनी की खासी आलोचना की। गौतम ने कहा कि “मैं सचमुच थोड़ा हैरान था एमएस धोनी को नंबर 7 पर बल्लेबाजी करता देखकर। उनसे पहले सैम कर्रन और गायकवाड़ को भेजा गया। वास्तव में आपको सामने से नेतृत्व करना चाहिए। लेकिन इसे सामने से नेतृत्व करना नहीं कहते हैं। जब आप 217 का पीछा कर रहे हैं तो धोनी का नंबर 7 बल्लेबाजी के लिए आना? तब तक खेल खत्म हो गया था। फाफ डु प्लेसिस अकेले लड़ रहे थे।”

गम्भीर ने आगे कहा कि “आप एमएस धोनी के आखिरी ओवर के बारे में बात कर सकते हैं, जब उन्होंने तीन छक्के लगाए। लेकिन सचमुच उसका कोई फायदा नहीं था, यह सभी व्यक्तिगत रन थे।” “देखिए, अगर ऐसा किसी और कप्तान ने किया होता तो उसे बहुत कुछ सुनना पड़ता। लेकिन यह एमएस धोनी हैं शायद इसलिए लोग इनके बारे में बात नहीं करते हैं।” गौतम गम्भीर ने कहा।

 गौरतलब है कि इस मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स की टीम ने सीएसके के सामने 217 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया था। जिसका पीछा करते हुए सीएसके 16 रनों से हार गई। दूसरी पारी में बल्लेबाजी करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से फाफ डु प्लेसिस ने शानदार अर्धशतक के दम पर टीम को इस मुकाबले में बरकार रखा। एक तरफ से सीएसके ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए और महेंद्र सिंह धोनी 5 विकेट गिर जाने के बाद 14 वें ओवर में बल्लेबाजी करने उतरे। जब धोनी मैदान पर बल्लेबाजी करने आए तो सीएसके का स्कोर 114/5 था और जीत के लिए अभी भी 103 रन चाहिए थे। मैच के अंतिम ओवर में सीएसके को जीत के 38 रनों की दरकार थी। इन छह गेंदों एमएसडी ने तीन गगनचुंबी छक्के जड़ें लेकिन सीएसके को जीताने के लिए इतना काफी नहीं था।

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