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किसान आंदोलन के समर्थन में वकील ने दी कुर्बानी, “Modi The Dictator” के नाम से लिखा पत्र

by Khabartakmedia

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा बनाई तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन दिन-ब-दिन मजबूत हुए जा रहा है। किसानों के समर्थन में देशभर के लोग खड़े हो रहे हैं। किसान आंदोलन अब एक दूसरा ही रूप अख्तियार कर रहा है। रविवार को किसान आंदोलन के समर्थन में जलालाबाद बार एसोसिएशन के वकील अमरजीत सिंह ने अपनी कुर्बानी दे दी है। अमरजीत सिंह ने कृषि कानून के विरोध में किसानों का साथ देते हुए आज खुदकुशी कर ली। अमरजीत सिंह ने अपनी जान देने से पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम एक पत्र लिख छोड़ा है।

अमरजीत सिंह द्वारा लिखी गया पत्र “Modi, The Dictator” के नाम से है। अपने लंबे पत्र में अमरजीत सिंह ने नरेन्द्र मोदी को एक तानाशाह के रूप में संबोधित करते हुए लिखा है कि “भारत के लोगों ने आपको विशाल बहुमत दिया और बड़ी उम्मीद के साथ आपको सत्ता सौंपी। आजादी के बाद लोग आपको प्रधानमंत्री बनाकर एक अच्छे भविष्य की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन बड़े कष्ट के साथ मुझे लिखना पड़ रहा है कि आप अंबानी, अडानी जैसे कुछ खास समूहों के प्रधानमंत्री बन गए हैं।” पत्र के आखिर में अमरजीत सिंह ने लिखा है कि “सुनिए, जनता की आवाज ईश्वर की आवाज होती है। ऐसा लगता है कि आप गोधरा जैसी कुर्बानी चाह रहे हैं और मैं भी अपनी कुर्बानी इस आंदोलन को लेकर आपके गूंगे और बहरे की तरह के होश से हिलाने के लिए दे रहा हूं।”

वकील अमरजीत सिंह की चिट्ठी


गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही किसान आंदोलन के समर्थन में सिंघू बॉर्डर पर एक संत ने खुद को गोली मार ली थी। किसानों का यह व्यापक आंदोलन अब ऐतिहासिक हो चुका है। भारत के इतिहास में ऐसे कुछ यादगार आंदोलन हुए हैं जिनके समर्थन में या जिसमें शामिल लोगों ने अपनी कुर्बानी दे दी हो। किसानों और उनके साथ खड़े लोगों का यह हौसला इतिहास के पन्नों में दर्ज होता जा रहा है। हालांकि इस समय सबसे जरूरी है कि इन गतिविधियों का असर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हो। भाजपा सरकार के मंत्री और नेता अब भी किसान आंदोलन को लेकर दुष्प्रचार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री खुद सार्वजनिक मंचों से का रहे हैं कि विपक्षी दल किसानों को उकसा रहे हैं। जबकि किसानों ने अपने आंदोलन से हर तरह के राजनीतिक गतिविधि पर पाबंदी लगाई हुई है। मोदी सरकार और किसानों के बीच अगली बैठक 29 दिसंबर को होने वाली है। सभी की नजरें 29 तारीख पर टिकी हुई है कि आखिरकार उस दिन कोई नतीजा निकलकर सामने आता है या नहीं।

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