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काशी विद्यापीठ के संविदा शिक्षक भिक्षाटन को मजबूर, कुलपति प्रो. टी. एन. सिंह कुम्भकरणी नींद में

by Khabartakmedia

वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय के संविदा शिक्षकों का सत्याग्रह सोमवार को भी जारी रहा। आज शिक्षक सत्याग्रह का आठवां दिन है। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मूर्ति के पास बैठकर तकरीबन 78 संविदा शिक्षक अपने वेतन और नियुक्ति के लिए लगातार सत्याग्रह कर रहे हैं। सत्याग्रह के आठवें दिन सभी शिक्षकों ने विश्वविद्यालय में भिक्षाटन का कार्यक्रम चलाया। शिक्षकों का एक जत्था कई भिक्षापात्र लिए कुलपति प्रो. टी. एन. सिंह के आवास पर गया लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने कुलपति आवास का मुख्यद्वार यह कहते हुए नहीं खोला कि “कुलपति इस समय भीतर नहीं हैं और उनके हेड का आदेश है कि गेट ना खोला जाए।” कुलपति आवास के बाद शिक्षकों ने कुलसचिव डॉ. साहेब लाल मौर्य के घर का रुख किया। हालांकि कुलसचिव ने भी इन शिक्षकों को भीक्षा देना उचित नहीं समझा। कुलसचिव के कर्मचारियों ने शिक्षकों से कहा कि “कुलसचिव फिलहाल दवाई खाकर सोए हैं और अभी एक घंटे बाद ही मिल सकेंगे।” कुलपति और कुलसचिव के आवास के बाद सत्याग्रही शिक्षकों का प्रतिनिधि मंडल विश्वविद्यालय के सभी विभागों में घूमा और अपने लिए भीक्षा मांगा।

कुलपति आवास के सामने खड़े संविदा शिक्षक


गौरतलब है कि संविदा शिक्षक पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण सत्याग्रह कर रहे हैं। 2 नवम्बर से शुरू हुआ यह सत्याग्रह अब एक सप्ताह की अवधि पार कर चुका है। लेकिन अब तक औपचारिक रूप से कोई संवाद प्रशासनिक अधिकारियों से नहीं हो सकी है। कुलसचिव डॉ. साहेब लाल मौर्य के पैर टूटने की वजह से वे अपने घर से निकल पाने में असमर्थ हैं। तो वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टी. एन. सिंह इस सत्याग्रह को पूरी तरह से नजरंदाज कर रहे हैं और मीडिया के सवालों से भी लगातार बचने की कोशिश कर रहे हैं।
भिक्षाटन के अवसर पर डॉ शशिकांत नाग, डॉ प्रभा शंकर मिश्र, डॉ शत्रुघ्न प्रसाद, डॉ आनंद कुमार , डॉ दिलीप कुमार, प्रशांत विश्वकर्मा, निर्मला, डॉ मानिक चंद्र पांडे, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ मार्कंडेय सिंह यादव एवं अन्य शिक्षक मौजूद रहे।

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