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Home महापुरुष- जन्मदिन/पुण्यतिथि एपीजे अब्दुल कलाम के राष्ट्रपति बनने की कहानी, उस फोन पर अटल बिहारी वाजपेई ने क्या कहा था?

एपीजे अब्दुल कलाम के राष्ट्रपति बनने की कहानी, उस फोन पर अटल बिहारी वाजपेई ने क्या कहा था?

by Khabartakmedia

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम एक बेहद सामान्य किस्म के व्यक्ति थे लेकिन उनका व्यक्तित्व हिमालय के शिखर से भी ऊंचा और उनकी सोच सागर से भी गहरी थी। एपीजे अब्दुल कलाम जिनका पूरा नाम अबुल पकिर जैनुअब्दिन अब्दुल कलाम था, एक साधारण परिवार से आते थे। रहन सहन से बेहद साधारण अब्दुल कलाम अपने विचारों और देश के प्रति समर्पण में हमेशा दृढ़ थे। भारत के लिए विज्ञान के क्षेत्र में एक अमूल्य निधि के रूप में अब्दुल कलाम विश्वपटल पर उभरकर सामने आए थे।


मिसाइल मैन के नाम से लोकप्रिय एपीजे अब्दुल कलाम ने आगे चलकर भारत के सबसे ऊंचे संवैधानिक पद को सुशोभित किया और राष्ट्रपति बनकर देश को आगे बढ़ाने में अपना महान योगदान दिया। डाॅ. कलाम बड़े ही औचक ढंग से राष्ट्रपति बने थे और उनके इस पद पर आसीन होने का किस्सा बड़ा मजेदार है। ये तो सभी जानते हैं कि वे अटल बिहारी वाजपेई के प्रधानमंत्री रहते हुए राष्ट्रपति बने थे। अटल बिहारी वाजपेई और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पहली मुलाकात 1980 में हुई थी और यह मुलाकात संभव हो सका था तात्कालिक प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की वजह से। इंदिरा गांधी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेई एक सांसद के तौर पर पहुंचे थे जबकि डॉ. कलाम एक वैज्ञानिक के रूप में। वहीं पहली बार दोनों की मुलाकात हुई। 2002 में अटल बिहारी वाजपेई ने किसी दूसरे की मदद से डॉ. कलाम से फोन पर बात की और उन्हें राष्ट्रपति बनने के लिए आमंत्रित किया। जिस दिन अटल बिहारी वाजपेई और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के बीच ये बातचीत हुई थी वो तारीख 10 जून, 2002 थी। भारत रत्न कलाम ने एक घंटे देश के प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए इस प्रस्ताव पर विचार किया और फिर अपनी हामी भरी। 18 जून, 2002 को उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए अपना नामांकन करवाया और फिर वे कुछ दिनों में देश के प्रथम नागरिक बन गए।
भारत रत्न कलाम का जन्म आज ही के दिन 1931 में तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। आज पूरा देश उस महान आत्मा को याद कर रहा है।

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