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अखिलेश यादव के झटके से मायावती परेशान, बोलीं “सपा के साथ गठबंधन हमारी भूल”

by Khabartakmedia

बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की राजनीति भी इस समय गरमाई हुई है। एक तरफ बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर नेताओं की सक्रियता अपने चरम पर है तो दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में राज्यसभा के खाली सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर सियासी गलियों में उठापटक चालू हो गई है। गत बुधवार को उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने मायावती की बहुजन समाज पार्टी के छह विधायकों को तोड़ कर अपने पाले में शामिल कर लिया। जिसके बाद बसपा के राज्यसभा सीट का समीकरण खराब होना तय माना जा रहा है। बसपा के विधायकों का अचानक सपा में शामिल होने के पीछे अखिलेश यादव का दिमाग बताया जा रहा है। बीते कल जब सबका ध्यान बिहार के प्रथम एके मतदान पर थी तभी अचानक खबर आई कि बसपा के कुछ विधायकों ने बगावत कर दी है और सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मिलने पहुंच गए हैं।

अखिलेश यादव (सपा प्रमुख)

गौरतलब है कि अखिलेश यादव के इस कदम से मायावती को बड़ा झटका लगा है और उनके कई खेल खराब हो गए हैं। मायावती ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कल बागी हुए छह विधायकों को पार्टी से निष्कासित कर दिया। साथ ही मायावती ने समाजवादी पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए 2019 लोकसभा चुनाव से पहले हुए सपा और बसपा के गठबंधन को ‘भूल’ करार दे दिया।

मायावती (बसपा प्रमुख)

मायावती ने कहा कि “इस बार लोकसभा चुनाव में NDA को सत्ता में आने से रोकने के लिए हमारी पार्टी ने सपा सरकार में मेरी हत्या करने के षड्यंत्र की घटना को भूलाते हुए देश में संकीर्ण ताकतों को कमजोर करने के लिए सपा के साथ गठबंधन करके लोकसभा चुनाव लड़ा था।” उन्होंने अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि “सपा के मुखिया गठबंधन होने के पहले दिन से ही एससी मिश्रा जी को ये कहते रहे कि अब तो गठबंधन हो गया है तो बहनजी को 2 जून के मामले को भूला कर केस वापस ले लेना चाहिए, चुनाव के दौरान ​केस वापस लेना पड़ा।” सपा-बसपा गठबंधन को भूल बताते हुए मायावती ने कहा कि “चुनाव का नतीजा आने के बाद इनका जो रवैया हमारी पार्टी ने देखा है, उससे हमें ये ही लगा कि केस को वापस लेकर बहुत बड़ी गलती करी और इनके साथ गठबंधन नहीं करना चाहिए था।”
मायावती ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को दलित विरोधी करार दे दिया। “इनका एक और दलित विरोधी चेहरा हमें कल राज्यसभा के पर्चों के जांच के दौरान देखने को मिला। जिसमें सफल न होने पर ये ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ की तरह पार्टी जबरदस्ती बीएसपी पर बीजेपी के साथ सांठगांठ करके चुनाव लड़ने का गलत आरोप लगा रही है”,
मायावती ने कहा।

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